-दहेज उत्पीड़न और महिला हिंसा के मामलों में होगी त्वरित और कठोर कार्रवाई
-आयोग राज्यों, जनपदों और गांवों में जाकर महिलाओं की समस्याएं सुन रहा है
-गत वर्ष में आयोग ने सवा दो सौ से अधिक प्रत्यक्ष जनसुनवाई कार्यक्रम किये हैं
कानपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनकी सुनवाई करना एक बड़ी चुनौती है। शिकायतों के निस्तारण में पुलिस रिपोर्ट, अभिलेखों तथा विभिन्न विभागों से समन्वय के कारण समय लग सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए आयोग ने जमीनी स्तर पर पहुंचकर प्रत्यक्ष जनसुनवाई की व्यवस्था शुरू की है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुये उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग अब केवल कार्यालय स्तर पर शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न राज्यों, जनपदों और गांवों में जाकर महिलाओं की समस्याएं सुन रहा है। गत एक वर्ष में आयोग द्वारा सवा दो सौ से अधिक प्रत्यक्ष जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। आयोग का प्रयास है कि महिलाओं को उनके क्षेत्र में ही सुनवाई का अवसर मिले और उन्हें त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि दहेज उत्पीड़न और महिला हिंसा के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई होगी। इसके पहले सर्किट हाउस के नवीन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम “राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार” आयोजित किया गया। जनसुनवाई में महिलाओं से संबंधित कुल 61 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, संयुक्त पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि./रा) विवेक चतुर्वेदी सहित सभी संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

























