- कानपुर कोर्ट में हिन्दी पखवारा के तहत काव्य उत्सव भव्य आयोजन
कानपुर। हिन्दी विधि प्रतिष्ठान, कानपुर बार एसोसिएशन एवं दि लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में संयुक्त रुप से हिन्दी पखवारा के तहत काव्य उत्सव (कवि सम्मेलन) का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में शहर के गणमान्य अतिथियों, प्रबुद्ध वकीलों और साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बाँध दिया। कार्यक्रम का कुशल एवं ओजस्वी संचालन व संयोजन अजय प्रताप सिंह चैहान ने किया। इस अवसर पर अनमोल पाल (जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष- हिन्दी विधि प्रतिष्ठान) के अलावा सुश्री निशा श्रीवास्तव (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / प्रभारी अध्यक्ष) सुभाष सिंह (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) अनुपम सिंह (1) (अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) शिव शंकर दोहरे (अपर सिविल जज (जू०डि०) एफ०टी०सी० (सी०एडब्ल्यू०) योगेन्द्र कुमार अवस्थी (अध्यक्ष, कानपुर बार एसोसिएशन) विनय कुमार मिश्रा (सचिव- हिन्दी विधि प्रतिष्ठान /महामंत्री, कानपुर बार एसोसिएशन) राजीव यादव (सचिव- हिन्दी विधि प्रतिष्ठान / महामंत्री, दि लॉयर्स एसोसिएशन) और दिनेश चन्द्र वर्मा (अध्यक्ष, दि लॉयर्स एसोसिएशन) सम्मानित अतिथि के रुप में मौजूद रहे।
काव्य समारोह में मंच पर आमंत्रित कवियों ने अपनी कालजयी एवं विचारोत्तेजक पंक्तियों से पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया-
मनीष मीत- ‘‘दिवस कोई न पखवाड़ा मनाया जाए हिन्दी का,
हृदय में सोच में दीपक जलाया जाए हिन्दी का।’’
नीरू श्रीवास्तव- ‘‘आर्यावर्त की धरती पर तुम हिंदी में सब काम करो इंग्लिश विंग्लिश छोड़ के वंदे हिंदी में ही नाम करो। स्वप्न सुनहरे क्या तुमने ए बी सी डी में देखे हैं,
हाय हेलो करने वालो तुम हाथ जोड़ के प्रणाम करो।’’
अजय मदहोश (अजय श्रीवास्तव)- ‘‘सफर अक्सर मुहब्बत का बहुत दुश्वार होता है,
जो किस्मत में नहीं होता उसी से प्यार होता है।’’
प्रतिमा दीक्षित अप्रतिमश्- ‘‘तेरी दौलत रह जाएगी तेरे घर चैबारों तक,
मेरे अक्षर सैर करेंगे सूरज चांद सितारों तक।’’
अजय प्रताप सिंह चैहान- ‘‘भाषा वही स्थापित होगी जो मजलूमों की फरियाद में होगी।’’





























