–कानपुर में राष्ट्रीय महिला आयोग के ‘शक्ति और सुरक्षा’ कार्यक्रम का समापन
-साइबर अपराध, पीओएसएच विषय पर पुलिस अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
कानपुर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा न्याय तक उनकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा पुलिस अधिकारियों में लैंगिक संवेदनशीलता एवं व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘शक्ति और सुरक्षा’ विषयक दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आज समापन हो गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस तथा पुलिस कमिश्नरेट, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर, पुलिस कमिश्नरेट आगरा, आगरा जोन एवं कानपुर जोन के विभिन्न जनपदों से आए लगभग 200 पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
दूसरे व अंतिम दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में एस.डी. मिश्रा, मुख्य सुरक्षा आयुक्त, एनसीआरटीसी, दिल्ली एवं सेवानिवृत्त संयुक्त पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस ने महिलाओं के विरुद्ध साइबर अपराधों की विवेचना, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, फॉरेंसिक विश्लेषण तथा तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रतिभागियों को जानकारी दी। दूसरे तकनीकी सत्र में श्रीमती अंजलि विश्वकर्मा, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं ऑपरेशन), पुलिस कमिश्नरेट कानपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की पहचान, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, तकनीकी विवेचना, ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर स्टॉकिंग तथा प्रभावी पुलिस कार्रवाई के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अंतिम तकनीकी सत्र में अधिवक्ता अंचल गुप्ता, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी विधिक प्रावधानों, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका तथा ऐसे मामलों में पुलिस की संवेदनशील एवं विधिसम्मत कार्रवाई पर विस्तार से प्रकाश डाला।
दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी अधिकारियों को महिला सुरक्षा, जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग, एफआईआर एवं जीरो एफआईआर, पीड़ित प्रतिकर, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की प्रभावी विवेचना, डिजिटल फॉरेंसिक तथा च्व्ैभ् अधिनियम सहित महिला संबंधी अपराधों के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग के संयोजक डॉ. सर्वेश पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। सत्र के समापन पर अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध/मुख्यालय श्रीमती स्नेहा तिवारी ने सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

























