-कानपुर में राष्ट्रीय महिला आयोग का ‘शक्ति और सुरक्षा’ कार्यक्रम
कानपुर। पुलिस स्टेशन किसी भी महिला के लिए सिर्फ एक सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि न्याय की पहली उम्मीद होता है। महिला वहाँ सिर्फ एफआईआर दर्ज कराने नहीं, अपना विश्वास लेकर आती है। आपकी वर्दी सिर्फ अथॉरिटी का प्रतीक नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे का नाम है। आपके शब्द, व्यवहार और बात करने का तरीका ही किसी पीड़िता का खोया हुआ आत्मविश्वास लौटा सकता है। कानपुर के रागेंद्र स्वरूप सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘शक्ति और सुरक्षा’ एडवांसिंग जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग विषय पर दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहा। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश पुलिस तथा पुलिस कमिश्नरेट, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। इसमें पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर, पुलिस कमिश्नरेट आगरा, आगरा जोन एवं कानपुर जोन के विभिन्न जनपदों से आए लगभग 200 पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस महत्वपूर्ण सफल आयोजन की बाबत अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध/मुख्यालय स्नेहा तिवारी से ‘डॉल्फिन न्यूज़’ की एक्सक्लूसिव टॉक…

























