- दीदी मां मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी से ‘डॉल्फिन न्यूज़’ की विशेष वार्ता
- मर्चेंट चैंबर में मानस प्रवचन मंगलवार 29 सितंबर से सात अक्टूबर तक
कानपुर। रामलीला केवल मंच पर भगवान राम की कथा का अभिनय नहीं, बल्कि वर्तमान जीवन को देखने का माध्यम है। पांच सौ वर्ष पहले लिखी गई रामचरितमानस को केवल बीते युग की कथा मानना उसके मर्म को सीमित करना होगा। मानस आज भी मनुष्य के सामने वही प्रश्न खड़ा करती है, जिनसे वह अपने जीवन में रोज जूझता है। यही कारण है कि रामलीला की परंपरा आज भी नई पीढ़ी से संवाद कर सकती है। यह बात दीदी मां मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी ने ‘डॉल्फिन न्यूज़’ से विशेष वार्ता में कही। दीदी मां मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी का 50वां मानस प्रवचन मंगलवार 29 सितंबर से सात अक्टूबर तक मर्र्चेट चैंबर हाल में शाम सात बजे से होगा। इस साल श्रीराम लीला सोसाइटी, परेड अपना 150वां सुस्वर्णिम वर्ष मना रही है। श्रीराम लीला सोसाइटी, परेड के तत्वावधान में हर वर्ष की भांति हो रहे मानस प्रवचन के पूर्व ‘डॉल्फिन न्यूज़’ की दीदी मां मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी से विशेष वार्ता…
























