-कानपुर का चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड
-निर्दाेष बहू शालू सोमवार को 21 दिन बाद जेल से हुई रिहा
-निष्पक्ष विवेचना के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने माना बेकसूर
कानपुर। कहते हैं कि ‘अंत भला तो सब भला’। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की तत्परता से हत्याकांड में फंसाई गई पुत्रवधू शालू को न्याय मिला और वह 21 दिन बाद जेल से रिहा को गई। विवेचना के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने शालू को बेकसूर मानते हुये उसे क्लीन चिट दे दी थी जबकि हत्या की साजिश का दोषी मानते हुये विनीत मिनोचा के पुत्र सुब्रत को पिछले सप्ताह जेल भेज दिया गया था। माना गया कि पहले दिन शालू का नाम केवल किसी के नाम लेने भर से घसीटा गया था, वह पूरी तरह निर्दाेष थी। पुलिस ने मामले की निष्पक्ष विवेचना की और इसी स्तर पर सच्चाई सामने आने के बाद शालू को दोषमुक्त मानते हुए रिहाई दी गई। विवेचना के बाद शालू को दोषमुक्त किये जाने के बाद जहां उसके मायके वालों में खुशी दिखाई पड़ी। वहीं, जनमानस ने भी पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के दिशा – निर्देशन और डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के पर्यवेक्षण में हुई निष्पक्ष कार्रवाई की प्रशंसा की है।
























