श्रीरामलीला सोसाइटी द्वारा आयोजित श्रीराम कथा का दूसरा दिन
कानपुर। युग तुलसी महाराज श्री रामकिंकर जी की उत्त्तराधिकारी पूज्य दीदी माँ मंदाकिनी ने मर्चेंट चैंबर हाल में कहा कि श्रीरामचरितमानस एक कालजयी ग्रन्थ है और उसमें दिया हुआ संदेश शाश्वत हैं, परम प्रासंगिक हैं। युवा पीढ़ी, विशेष रूप से जेन जी को रामचरितमानस का मर्म समझाने के उद्देश्य से श्रीरामलीला सोसाइटी, परेड द्वारा आयोजित रामकथा की द्वितीय संध्या में युग तुलसी महाराज श्री रामकिंकर जी की उत्त्तराधिकारी पूज्य दीदी माँ मंदाकिनी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य दस है शरीर की 10 इन्द्रियों की ओर इंगित करता है पर आपके जीवन का लक्ष्य जैसा हो, वैसा आप 10 का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भूख तो जीव मात्र को लगती है, पर एक व्यक्ति जीने के लिए खाता है और दूसरा व्यक्ति खाने के लिए ही जीता है। इन्द्रियों द्वारा विषयों का असीम भोग करना ही दसमुख का जीवन दर्शन है और ये अमूल्य मनुष्य शरीर जिस उद्देश्य के लिए मिला है, उस लक्ष्य को साधने के लिए 10 को लगा देना यह मनुष्य का जीवन दर्शन है। मानस प्रवचन के अवसर पर राजीव गर्ग, आलोक अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल प्रमुख रुप से मौजूद रहे।
























