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-पांच करोड़ के डोनेशन का झांसा, 1.90 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का भंडाफोड़
-अनजान से शेयर न करें बैंक खाते, सिम कार्ड, ओटीपी, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी
कानपुर। कमिश्नेट पुलिस टीम ने योजनाबद्ध एक प्रशंसनीय कार्रवाई करते हुए कॉरपोरेट एवं फर्मों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में मंगल सिंह उरई जिला जालौन, बिजेन्द्र यादव थाना खुर्रा जिला मैंनपुरी, अबी वकाश थाना चिल्ला जनपद बांदा और राहुल शर्मा थाना बसरेहर इटावा शामिल हैं। एडीसीपी सुश्री अंजली विश्वकर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में गिरफ्तार अभियुक्तों को मीडिया के सामने प्रस्तुत करते हुुये बताया कि पकड़े गये अभियुक्त एक संगठित साइबर गिरोह के सदस्य हैं, जो बड़ी लिमिट वाले फर्म एवं कॉरपोरेट बैंक खातों को अपने कब्जे में लेकर साइबर अपराध को अंजाम देते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खाताधारकों को लोन दिलाने, व्यापारिक सहायता एवं अन्य बहानों से विश्वास में लेकर उनके बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर, सिम कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करते थे। इसके बाद एपीके फाइल एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से बैंक खातों का एक्सेस अपने गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराया जाता था, जिनके माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि संबंधित खातों में स्थानांतरित की जाती थी। एडीसीपी श्रीमती विश्वकर्मा ने बताया कि डिजिटल जांच के दौरान अभियुक्तों के मोबाइल फोनों से बड़ी मात्रा में बैंक खातों का विवरण, आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेकबुक, पासबुक, क्यूआर कोड, लॉगिन आईडी, पासवर्ड, एपीके लिंक, वेंडर पेमेंट वीडियो, वॉइस रिकॉर्डिंग तथा साइबर अपराध से संबंधित व्हाट्सएप चौट बरामद हुई हैं, जो गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि करती हैं। पूछताछ में यह भी प्रकाश में आया कि गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों में सक्रिय अपने सहयोगियों के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराते थे। कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, सिम कार्ड, ओटीपी, इंटरनेट बैंकिंग अथवा अन्य वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
बाइट- एडीसीपी क्राइम- सुश्री अंजली विश्वकर्मा, आईपीएस

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