- कई राज्यों में नेटवर्क बनाकर लेता था क्लेम
- ठगी की रकम को भी ठिकाने लगाता था
कानपुर। करीब 250 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में सरगना सुल्तान मिर्जा और राजवीर के तीसरे मुख्य साथी आगरा के फतेहपुर सीकरी निवासी अंचित गोयल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के नौ साथी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इसमें कुछ बैंकर्स भी शामिल थे। मामले का खुलासा करते हुए प्रेस कांफ्रेंस में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एंव व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि अंचित गोयल पर 25 हजार का इनाम था। वह स्क्रैप की तीन फर्जी फर्में चला रहा था। उसने डेढ़ साल के भीतर 53 करोड़ की साइबर ठगी और जीएसटी क्लेम किया है। इसके अलावा अंचित अपने साइबर ठग साथियों सुल्तान मिर्जा, राजवीर और शिवम सिन्हा की काली कमाई को अपनी तीनों फर्मों के खातों में जमा कराकर उक्त धनराशि को एक नंबर का बनाने के काम में मदद करता था। डॉ ताडा ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि अंचित ने साइबर ठगी की रकम को कैलिफोर्निया की जेनिफर फ्लोरेंस नाम की महिला के खाते में भी ट्रांसफर की थी।
इसके अलावा अंचित ने गाजियाबाद के बीएसएफ जवान की बेटी के खाते में बीते एक साल में कुल 45 करोड़ रुपये का लेनदेन किया है। बता दें कि अप्रैल में बर्रा पुलिस ने 125 करोड़ के साइबर फ्रॉड के मामले में चार बैंककर्मियों को जेल भेजा था। तीन दिन पहले पुलिस ने फरार आरोपी बर्रा निवासी राजवीर सिंह व रतनलालनगर निवासी शिवम सिन्हा को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद ठगी की रकम 250 करोड़ तक पहुंच गई थी। अंचित की राजवीर सिंह से मुलाकात उसके ड्राइवर बर्रा निवासी सतीश ने कराई थी।
कई राज्यों में नेटवर्क बनाकर लेता था क्लेम-
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि अंचित गोयल राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व दिल्ली के स्क्रैप कारोबारियों से फर्जी जीएसटी बिल लेकर फर्जी इनकम टैक्स क्लेम लिया था। अंचित ने राजाराम ट्रेडर्स, श्रीश्याम और राधा ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्में बना रखी थीं। इन्हीं फर्जी फर्मों के नाम पर खुले म्यूल खातों में राजवीर और सुल्तान ठगी की रकम भी जमा कराते थे।
बाइट- अपर पुलिस आयुक्त (कानून एंव व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा




























