- प्रभु श्री श्याम की भजन रस-वर्षा में डूबे श्रद्वालु
- श्रृंगार और प्रभु की झांकी का स्वरूप देखते बना
कानपुर। मोतीझील लॉन में श्री श्यामजी मित्र मण्डल ने 41वें श्री श्याम महोत्सव का आयोजन किया है। श्री श्याम प्रभु के श्री विग्रह का श्रृंगार पैनालोव व बहुरंगी फूलों से जयपुर के कमलकारी के कुशल कारीगरों ने अदभुत रूप से तैयार किया, जिसमें की तबके, जड़ाऊ, बूटी, मीना, ज़री व नगों आदि के द्वारा बाबा की पोशाक (स्वर्ण जड़ित मयूरी बागा) को भयव्ता देने का प्रयास किया गया है। इसमें अनगिनत संख्या में नीदरलैण्ड से विषेश मंगाये गए फूलों का भी इस्तेमाल हुआ है। महोत्सव में किये गये श्रृंगार और प्रभु की झांकी का स्वरूप देखते ही बन रहा है। दरबार में तारा मण्डल (ग्लैक्सी) रूपी अनगिनत झूमर आकर्षण का केन्द्र बने रहे। पण्डाल के श्रृंगार में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित झाँकियों को बड़े भक्तिभाव से दर्शाया गया है। जो अपने आप में अदभुत व आलौकिक है। जो भक्तों के बीच आकर्षण का केन्द्र बनी रही। उत्सव का समापन श्री श्याम जी मित्र मण्डल द्वारा 108 दीपों की महाआरती व चंग उत्सव के द्वारा किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से मण्डल के अध्यक्ष संजय खेमका, महामंत्री गोपाल गुड़ियावाला, कोषाध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल, उत्सव संयोजक अनुपम अग्रवाल, राकेश शर्मा एवं प्रचार मन्त्री आशीष गोयल आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
























