- हत्याभियुक्त संजय चौहान उर्फ संजय ढाबा के दोनों पैरों पर लगी गोली
- संजय ढाबा पर 50 से ज्यादा अभियोग पंजीकृत हैं – डीसीपी सेंट्रल
- संजय ढाबा गैंग को प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष दीक्षित का संरक्षण-पुलिस
कानपुर। संेट्रल जोन के काकादेव थाना क्षेत्र व्यापारी अमित कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर संजय सिंह चौहान उर्फ संजय ढाबा को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पनकी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। ढाबा के दोनों पैरों में गोली लगी है। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के अनुसार ढाबा पर 50 से ज्यादा अभियोग पंजीकृत हैं।
गौरतलब है कि गत पांच सितंबर को थाना काकादेव क्षेत्र में अमित कुमार नामक व्यवसायी के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिनकी उपचार के दौरान आठ सितंबर को उनकी मृत्यु हो गई थी। शहर में चर्चा का विषय बने इस प्रकरण में अभियोग पंजीकृत कर सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए गए, जिसके आधार पर चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए। मुख्य अभियुक्त संजय ढाबा, जिसके विरुद्ध 50 से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं, की गिरफ्तारी के लिये पुलिस की कई टीमें लगातार प्रयासरत थीं। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि पनकी थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो अभियुक्त संजय ढाबा ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। आत्मरक्षार्थ पुलिस की फायरिंग में अभियुक्त संजय ढाबा के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार पूछताछ में अभियुक्त संजय ढाबा ने कई सनसनीखेज खुलासे किये। उसने बताया कि प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने सोशल मीडिया पर स्वयं को निर्दाेष बताते हुए वीडियो प्रसारित करने की सलाह दी थी। पुलिस के अनुसार संजय ढाबा गैंग को प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष गैंगस्टर का आरोपी अवनीश दीक्षित गैंग का संरक्षण मिला हुआ है। मीडिया से पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि हत्या के मामले में अवनीश दीक्षित के संरक्षण को केस डायरी का हिस्सा बनाया जायेगा। डीसीपी सेंट्रल श्री अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त तथ्य की भी विवेचना की जा रही है। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमें लगातार प्रयासरत हैं।
बाइट- डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव























