-यूपी आर्थ्राेप्लास्टी सोसाइटी का 16वां ‘कानपुर आर्थ्राेप्लास्टी कोर्स’ लखनऊ में
कानपुर/लखनऊ। यूपी आर्थ्राेप्लास्टी सोसाइटी का प्रतिष्ठित 16वां ‘कानपुर आर्थ्राेप्लास्टी कोर्स-2026’ लखनऊ के होटल रामाडा में भव्य शुभारंभ हुआ। 2 से 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय वैज्ञानिक सम्मेलन की इस वर्ष की थीम ‘प्रिसिजन इन आर्थ्राेप्लास्टी- द नेक्स्ट एरा’ रखी गई है। इस सम्मेलन में देश भर के आर्थाेपेडिक सर्जन जोड़ प्रत्यारोपण की नई तकनीकों पर मंथन करेंगे। यह जानकारी आयोजन समिति के सभी प्रमुख पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस में दी। साइंटिफिक कमेटी के चेयरमैन, डॉ. ए.एस. प्रसाद ने बताया कि 2005 में उत्तर और मध्य भारत के युवा डॉक्टरों को जोड़ प्रत्यारोपण (आर्थ्राेप्लास्टी) की बारीकियां सिखाने के लिए इस कोर्स की शुरुआत की गई थी। आज यह भारत का सबसे पुराना ट्रेनिंग कोर्स बन चुका है। यह कार्यक्रम लखनऊ के रामाडा होटल में आयोजित किया जा रहा है। इस कोर्स ने हजारों ऑर्थाेपेडिक सर्जनों को जॉइंट रिप्लेसमेंट समझने में मदद की है। उन्होंने बताया कि इसमें अपनी विशेषज्ञता साझा करने वाले प्रमुख राष्ट्रीय दिग्गजों में डॉ. एस.के.एस. मार्या (दिल्ली), डॉ. (प्रो.) अनिल अरोड़ा (दिल्ली), डॉ. आर.बी. कालिया (ऋषिकेश), डॉ. अनिल टी. ओम्मन (वेल्लोर), डॉ. बी.डी. चटर्जी (कोलकाता), डॉ. आशित शाह (मुंबई), डॉ. एल. तोमर (नई दिल्ली), डॉ. कार्तिक पटेल (अहमदाबाद), डॉ. एस.वी. संतपुरे (औरंगाबाद), डॉ. ध्रुमिल पटेल (वडोदरा), डॉ. विश्वास शर्मा (कोटा) और डॉ. अखिलेश यादव (दिल्ली) शामिल हैं। यह सम्मेलन ऑर्थाेपेडिक जगत में ज्ञान और तकनीक के नए युग की शुरुआत करेगा, जिससे अंततः मरीजों को सुरक्षित और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
बाइट-डॉ एएस प्रसाद

























