- सड़कों की स्थिति बद से बदतर होने पर मंडलायुक्त ने खुद संभाला मोर्चा
- नगर निगम की 38 सड़कों की मरम्मत एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश
- सभी सड़कों पर पैचवर्क करके सड़कें बनाई जायें मोटरेबल- मंडलायुक्त
- लापरवाही बरते जाने पर अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज होगी
कानपुर। सड़कों की स्थिति बद से बदतर हो जाने पर कानपुर डिवीजन के कमिश्नर के. विजयेंद्र पांडियन ने खुद मोर्चा संभालते हुये अपने कार्यालय में लोक निर्माण विभाग के अलावा कानपुर विकास प्राधिकरण व कानपुर नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। मंडलायुक्त श्री पांडियन की अध्यक्षता में आयुक्त शिविर कार्यालय में नगर क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में हुई बैठक में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक, लोक निर्माण विभाग की अधिशासी अभियंता सहित सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डिवीजनल कमिश्नर ने साफ तौर पर कहा कि सितंबर के अंत तक नगर क्षेत्र की सभी रोड्स मोटरेबल हो जानी चाहिये।
मंडलायुक्त ने सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण से जुड़े सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपने-अपने स्वामित्व वाली सड़कों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। कहीं भी गड्ढे अथवा क्षतिग्रस्त सड़क मिलने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि सितंबर के अंत तक नगर क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।
मंडलायुक्त ने चेतावनी दी कि जो विभाग अपने अधीन सड़कों को दुरुस्त एवं आवागमन योग्य रखने में लापरवाही बरतेंगे, उनके उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
मंडलायुक्त श्री पांडियन ने नगर क्षेत्र की सभी सड़कों का विभागवार सर्वे कर उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों पर गड्ढे हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए। प्रत्येक दशा में सितंबर माह के अंत तक नगर क्षेत्र की सभी सड़कों को आवागमन के लिए सुगम बनाया जाए। समीक्षा के दौरान नगर निगम द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में 38 सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मंडलायुक्त ने इन सभी कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम के अधीन आने वाली अन्य सड़कों का भी सर्वे कर आवश्यकतानुसार पैचवर्क कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के कारण जहां पूर्ण निर्माण अथवा डामरीकरण तत्काल संभव नहीं है, वहां पैचवर्क एवं अन्य आवश्यक मरम्मत कर सड़क को हर हाल में मोटरेबल बनाया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।






























