- पुलिस कमिश्नर ने सीनियर सिटीज़न को बताये साइबर क्राइम से बचाव के गुर
- जागरूकता एवं सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का प्रभावी माध्यम-सीपी
- कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की इस पहल की वरिष्ठ नागरिकों ने की खूब सराहाना
कानपुर। पिछले दिनों रोटरी क्लब के कार्यक्रम में बतौर विशिष्ठ अतिथि शामिल होने के लिये कानपुर आईं देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी पद्मश्री किरण बेदी ने कहा था कि अवेरनेस व एजूकेशन से साइबर क्राइम से बचा जा सकता है। साइबर क्राइम के लिये टेक्नोलॉजी कसूरवार नहीं है। जरुरत है अवेरनेस की। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के दिशा निर्देशन में आयोजित हुये साइबर जागरुकता कार्यक्रम ‘साइबर संवाद’ की सम्मानित वरिष्ठ नागरिकों ने जमकर सराहना की। उन्हांेने पुलिस आयुक्त श्री लाल के इस प्रयास को बेहद शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक बताया। साथ ही कानपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बनाई गई शिक्षाप्रद शॉर्ट फिल्म ‘साइलेंट क्राइम’ की भी तारीफ की। कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने स्वंय मौजूद होकर वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध व डिजीटल अरेस्ट से बचाव के प्रति सचेत करते हुये इम्पॉटेंट टिप्स दिये। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद करते हुए उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक अथवा डिजिटल माध्यम पर प्राप्त जानकारी का सत्यापन किए बिना उस पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता एवं सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। साइबर विशेषज्ञों की टीम ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी, ओटीपी एवं केवाईसी फ्रॉड, यूपीआई एवं बैंकिंग फ्रॉड, निवेश संबंधी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग तथा अन्य प्रचलित साइबर अपराधों के तरीकों एवं उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध/मुख्यालय स्नेहा तिवारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने तथा समय पर सूचना देने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि त्वरित शिकायत दर्ज कराने से साइबर अपराधों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सकती है।
‘डॉल्फिन न्यूज़’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट—




























