आषाढ़ उत्सव-26 के मंच पर होनहारों के हुनर ने जीता दिल
कानपुर। वरिष्ठ साहित्यकार एवं सांस्कृतिक पुरोधा स्व. योगेंद्र मोहन की 90वीं जयंती के अवसर पर रागेंद्र स्वरुप परफार्मेंगिक आर्ट्स प्रेक्षागार में आयोजित हुये आषाढ़ उत्सव-20 में होनहारों के हुनर ने सभी का दिल जीत लिया। समूह नृत्य व संगीत की एक से बढ़कर एक मनभावन प्रस्तुतियों ने दर्शकों पर जादू सा बिखेर दिया। साथ ही साबित हुआ कि भारतीय संगीत व नृत्य कला को पाश्चात्य संगीत कभी चुनौती नहीं दे सकता है।
गौरतलब है कि इस यादगार शाम का आयोजन लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी ने किया था। ललित कला अकादमी के प्रतिभाशाली बच्चों के मंच पर परफार्मेंस के बाद कला प्रेमी जनसमूह तालियां आर्शीवाद से कम नहीं थी। कार्यक्रम में ताल, सरगम और भारतीय नृत्य शैली का अभूतपूर्व संगम के दर्शन हुये। अकादमी की निदेशक डॉ शालिनी वेद त्रिपाठी व अन्य गणमान्यो ने सभी प्रतिभाओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनायें प्रेषित की।





























