-अरबईन का मूल उद्देश्य कर्बला के संदेश-सत्य, न्याय, इंसाफ़ और ज़ुल्म के विरोध को याद करना
कानपुर। इमाम हुसैन की याद में अरबईन पदयात्रा आज शहर में निकाली गई। अरबईन का मूल उद्देश्य कर्बला के संदेश-सत्य, न्याय, इंसाफ़ और ज़ुल्म के विरोध को याद करना और उससे प्रेरणा लेना है। कानपुर में अरबईन वॉक पर सूटरगंज की मस्जिद / रोज़ा-ए-मौला अली (छोटी कर्बला, ग्वालटोली) से शुरू होकर बड़ी कर्बला, नवाबगंज तक गई। यह सफ़र इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में अरबईन के अवसर पर आयोजित किया जाता है। मालूम हो कि अरबईन (चेहलुम) अरबईन, इमाम हुसैन इब्न अली और उनके वफ़ादार साथियों की याद में मनाया जाता है। यह दिन 10 मुहर्रम (आशूरा) के 40 दिन बाद, यानी 20 सफ़र को आता है। इस अवसर पर मुसलमान, विशेषकर शिया समुदाय इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हैं। मजलिस, मातम और ज़ियारत करते हैं।




























